कर्ण की असली माँ कुंती थीं। कुंती ने दुर्वासा ऋषि से प्राप्त मंत्र की परीक्षा करते हुए सूर्यदेव का आह्वान किया जिससे कर्ण जन्मे। किशोरावस्था में अविवाहित होने के कारण लोक-लाज से उन्होंने कर्ण को नदी म
कर्ण की असली माँ कुंती थीं — वही कुंती जो पाँचों पांडवों की भी माता थीं।
इसलिए कर्ण वास्तव में पांडवों के ज्येष्ठ भ्राता थे, परंतु यह रहस्य जीवनभर छिपा रहा। कुंती का बचपन में नाम पृथा था।