कर्ण को किसी ने नहीं रोका — परशुराम के श्राप के कारण ठीक उस निर्णायक क्षण में जब रथ का पहिया धँसा और अर्जुन सामने था, ब्रह्मास्त्र के मंत्र उनकी स्मृति से लुप्त हो गए।
कर्ण को ब्रह्मास्त्र चलाने से किसी ने नहीं रोका — बल्कि वे स्वयं उस निर्णायक क्षण में ब्रह्मास्त्र का मंत्र याद करने में असमर्थ हो गए।
यही परशुराम के श्राप का प्रभाव था। कर्ण ने गुरु परशुराम से ब्रह्मास्त्र सहित समस्त दिव्यास्त्र विद्याएं सीखी थीं।