कार्तिक = सबसे पवित्र मास (पद्मपुराण)। स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में नदी/घर पर, सर्वपापनाशक। दीपदान: सन्ध्याकाल में तुलसी/पीपल/मन्दिर/नदी तट पर — घी/तिल तेल के मिट्टी दीये। तुलसी पूजा नित्य। कार्तिक पूर्ण
कार्तिक मास हिन्दू पंचांग का सबसे पवित्र मास माना गया है। पद्म पुराण में कार्तिक माहात्म्य का विस्तृत वर्णन है।
कार्तिक स्नान: - सम्पूर्ण कार्तिक मास (विशेषकर कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से पूर्णिमा) ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए।