कार्तिकेय का जन्म तारकासुर के वध के लिए हुआ था। तारकासुर को यह वरदान था कि उसका वध केवल शिव-पुत्र से ही होगा। तीनों लोकों में उसके अत्याचार से त्रस्त देवताओं की रक्षा के लिए कार्तिकेय का अवतरण हुआ।
कार्तिकेय का जन्म तारकासुर नामक असुर के वध के लिए और देवताओं की रक्षा के लिए हुआ था।
स्कंद पुराण और शिव पुराण के अनुसार तारकासुर ने ब्रह्मा जी की कठोर तपस्या करके यह वरदान प्राप्त किया था कि उसका वध केवल शिव के पुत्र के हाथों ही संभव हो।