काशी में मणिकर्णिका घाट पर शिव पूजा का क्या विशेष महत्व है?
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संक्षिप्त उत्तर
शिव स्वयं मृतक को तारक मंत्र देते हैं — मोक्ष। अनादि अग्नि कभी नहीं बुझी। पार्वती मणिकुंडल गिरा → नाम। अविमुक्त क्षेत्र — शिव सदा निवास। पितृ तर्पण + शिव पूजा = अत्यंत पुण्य।
मणिकर्णिका घाट (वाराणसी) हिंदू धर्म का सबसे पवित्र श्मशान और मोक्षदायक स्थान है: पौराणिक कथा: शिव पुराण/स्कन्द पुराण: विष्णु ने तपस्या कर कुंड बनाया।
शिव-पार्वती के दर्शन पर पार्वती का कर्णाभूषण (मणिकुंडल) कुंड में गिर गया — 'मणिकर्णिका' नाम पड़ा। शिव पूजा का विशेष महत्व: 1।