काशी में शिव स्वयं मरने वाले के कान में तारक मंत्र देते हैं जिससे पापी भी मोक्ष पाता है। काशी शिव का अविमुक्त क्षेत्र है जिसे वे कभी नहीं छोड़ते। मणिकर्णिका घाट पर दाह-संस्कार से आत्मा सीधे मोक्ष पाती
काशी में मरने पर मोक्ष मिलने की मान्यता हिंदू धर्म में सहस्त्रों वर्षों से चली आ रही है और इसका आधार शिव पुराण, स्कंद पुराण और काशीखंड जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है।
तारक मंत्र का रहस्य: शास्त्रों के अनुसार काशी में जब कोई प्राणी देहावसान के निकट होता है, तब स्वयं भगवान शिव उसके कान में 'तारक मंत्र' का उपदेश देते हैं।