काशी खंड के अनुसार — दंडपाणि ने दंडीश्वर, घंटाकर्ण ने घंटाकर्णेश्वर, वीरभद्र ने वीरभद्रेश्वर, कुण्डोदर ने कुण्डोदरेश्वर, महाकाल ने महाकालेश्वर, क्षेमक ने क्षेमेश्वर, पंचशीर्ष ने पंचशिखेश्वर की स्थापना
स्कंद पुराण के काशी खंड के अनुसार काशी में भगवान शिव के प्रमुख गणों ने अनेक जाग्रत शिवलिंग स्थापित किए।
ये 'शिवगण-स्थापित लिंग' काशी के आध्यात्मिक रक्षा-तंत्र का अभिन्न अंग हैं।