कठोपनिषद: बालक नचिकेता ने यमराज से तीन वर मांगे — तीसरा: 'मृत्यु के बाद आत्मा है?' यम का उपदेश: श्रेय (ज्ञान) > प्रेय (भोग); आत्मा अमर (1.2.18); रथ रूपक — शरीर=रथ, बुद्धि=सारथी, आत्मा=स्वामी। सार: भोग
कठोपनिषद हिंदू दर्शन के सबसे प्रभावशाली उपनिषदों में से एक है। यह एक बालक नचिकेता और मृत्यु के देवता यम के बीच गहन दार्शनिक संवाद है।
कथा सार: नचिकेता के पिता वाजश्रवस ने यज्ञ में सब कुछ दान कर दिया, परंतु बूढ़ी और निरुपयोगी गाएं दीं।