कौमोदकी विष्णु की दिव्य गदा है। यह भयंकर गर्जना करती है और पर्वत तक चूर कर देती है। महाभारत में अग्निदेव ने खांडव-दहन के बदले यह कृष्ण को दी। यह शक्ति और अधर्म-दमन का प्रतीक है।
कौमोदकी भगवान विष्णु की दिव्य गदा है जो उनके प्रमुख चार आयुधों में से एक है। यह गदा शक्ति, दृढ़ता और अधर्म-दमन का प्रतीक है।
पौराणिक वर्णन के अनुसार कौमोदकी गदा अत्यंत भारी और विशाल है।