गरुड़ पुराण में श्रेष्ठ दान हैं — गोदान (सर्वोच्च), भूमिदान, स्वर्णदान, अन्नदान, जलदान, तिलदान, वस्त्रदान और घटदान। इन्हें 'अष्टमहादान' कहा गया है जो मृत्यु के बाद यमार्ग पर सहायक बनते हैं।
गरुड़ पुराण में अनेक प्रकार के दानों का उल्लेख है और उनमें से कुछ को विशेष रूप से श्रेष्ठ बताया गया है।
गोदान — गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय में गोदान को 'दानों में सर्वश्रेष्ठ' कहा गया है।