भजन व्यक्तिगत, ध्यान-भाव, काव्यात्मक रचना है। कीर्तन सामूहिक, प्रश्नोत्तर-शैली, उत्साहपूर्ण गान है। भजन में शांति का अनुभव, कीर्तन में ऊर्जा और उत्साह का।
कीर्तन और भजन — दोनों भक्ति-संगीत के रूप हैं परंतु इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर है।
भजन — भजन 'भज' धातु से बना है जिसका अर्थ है — भजना, उपासना करना, सेवा करना। भजन सामान्यतः एकल या अर्ध-एकल रचना होती है।