कीर्तन से ऊर्जा इसलिए बढ़ती है क्योंकि नाम की दिव्य ऊर्जा भक्त में प्रवाहित होती है, लयबद्ध श्वास से प्राणायाम जैसा प्रभाव होता है, एंडोर्फिन बढ़ता है और सामूहिक चेतना की ऊर्जा मिलती है।
कीर्तन करने से ऊर्जा में अद्भुत वृद्धि होती है — यह अनुभव करोड़ों भक्तों ने किया है। इसके पीछे शास्त्रीय और वैज्ञानिक दोनों कारण हैं।
शास्त्रीय कारण — कीर्तन 'नाम-संकीर्तन' का रूप है। श्रीमद्भागवत में कहा गया है — 'श्रीकृष्ण-नाम स्वयं भगवान का स्वरूप है।