असिपत्रवन नरक — मित्र से विश्वासघात (प्रमुख) और घर-गाँव-जंगल में आग लगाना। 'मित्रों से दगा करने वाला इस नरक में गिराया जाता है।' पहले अग्निकुंड, फिर असिपत्रवन।
गरुड़ पुराण के चतुर्थ अध्याय में असिपत्रवन नरक के कारण-पापों का स्पष्ट वर्णन है।
मित्र से विश्वासघात — 'असिपत्रवन — मित्रों से दगा करने वाला इंसान इस नरक में गिराया जाता है। ' मित्र-द्रोह असिपत्रवन का प्रमुख कारण है।