शाल्मली नरक — परस्त्री-गमन और पति को दोष लगाकर परपुरुष से संबंध, झूठी गवाही, छल से धन-अर्जन पर। 5 योजन विस्तृत शाल्मली वृक्ष पर नीचे मुख करके साँकलों में बाँधकर पिटाई।
गरुड़ पुराण के तृतीय और चतुर्थ अध्याय में शाल्मली नरक के पात्रों का वर्णन है।
परस्त्री-गमन — गरुड़ पुराण के चतुर्थ अध्याय में — 'जो स्त्री अपने पति को दोष लगाकर परपुरुष में आसक्त होने वाली है — ये सभी और इस प्रकार के अन्य पापी भी शाल्मली वृक्ष द्वारा बहुत ताड़ना प्राप्त करते है