निकट संबंधी (माता-पिता/पति-पत्नी/संतान) = 13 दिन। चाचा/मामा = 10 दिन। दूर संबंधी = 3/1 दिन। मित्र = स्नान मात्र। सूतक में पूजा/मंदिर/शुभ कार्य वर्जित। 13वें दिन (तेरहवीं) शुद्धि। कुल पुरोहित से पूछें।
मृत्यु सूतक (मरण अशौच) की अवधि मृतक से संबंध पर निर्भर करती है। सूतक अवधि (धर्मसिंधु/गरुड़ पुराण): 1।
निकट संबंधी (माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, भाई-बहन) — 13 दिन (सबसे प्रचलित)। कुछ परंपराओं में 10 दिन।