कृष्णा गाय दान से वैतरणी पार होती है — इसका विस्तार क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय के अनुसार कृष्णा (काली) गाय का दान — जिसे 'वैतरणी गाय दान' कहते हैं — यमलोक-मार्ग पर वैतरणी नदी को पार कराता है। दान की गई गाय नदी के तट पर प्रकट होती है और जीव उसकी पूँछ प
गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय में भगवान विष्णु 'वैतरणी गाय' के दान का विस्तृत विवरण देते हैं।
भगवान कहते हैं — 'हे खग! वैतरणी गाय का दान करने से महामार्ग में वह नदी नहीं आती, इसलिए सर्वदा पुण्यकाल में गोदान करना चाहिए।