कृष्ण नाम कलियुग का विशेष उपहार है। कलिसंतरणोपनिषद् का हरे कृष्ण महामंत्र कलियुग की सर्वोत्तम साधना है। कृष्ण आनंदस्वरूप हैं, अतः उनका नाम मन में दिव्य आनंद का प्रवाह लाता है। पद्मपुराण में इसके जप से
कृष्ण नाम को कलियुग का विशेष उपहार माना गया है।
जब द्वापर के अंत में कृष्ण ने अवतार लिया, उनके जाने के बाद कलियुग का आरंभ हुआ और उनका नाम जगत में शेष रह गया — इसे 'कृष्ण का उपहार' कहते हैं।