कृत्तिका 27 नक्षत्रों में तृतीय। मेष 26°40'–वृषभ 10°। स्वामी सूर्य, देवता अग्नि। प्रतीक अग्नि-लौ। सैन्य-अग्नि कार्यों के लिए अनुकूल। जन्म में तेजस्वी, ऊर्जावान, न्यायी।
कृत्तिका 27 नक्षत्रों में तृतीय नक्षत्र है। यह मेष राशि में 26°40' से 30° और वृषभ राशि में 0° से 10° तक विस्तृत है।
नाम और प्रतीक — 'कृत्तिका' का अर्थ है कृत्तिकाएँ (सात बहनें/कृतिकाएँ)। इसका प्रतीक चिह्न 'अग्नि की लौ' या 'छुरी/उस्तरा' है।