क्रोध और मानसिक ताप को शांत करने के लिए 'ॐ शान्ताय नमः' या जल को अभिमंत्रित कर 'ॐ नमः शिवाय' का प्रयोग करना चाहिए। यह शरीर के अग्नि तत्व को शांत करता है।
क्रोध अग्नि तत्व की अधिकता और मानसिक असंतुलन का परिणाम है।
भगवान शिव, जिन्होंने अपने मस्तक पर शीतल चंद्रमा और जटाओं में गंगा को धारण किया है, क्रोध और ताप को शांत करने वाले सर्वोच्च देव हैं।