पूजा विधि
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क्षमा प्रार्थना मंत्र के बोल और हिंदी अर्थ क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
'आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्...' यह क्षमा प्रार्थना का मुख्य मंत्र है। इसका अर्थ है— हे प्रभु, मैं न आपका आवाहन करना जानता हूँ, न विसर्जन और न ही पूजा की विधि। मेरी मंत्रहीन और क्रियाहीन पूजा क
पूजा, अनुष्ठान या पाठ के अंत में अनजाने में हुई भूल-चूक के लिए भगवान से क्षमा मांगने की परंपरा है।
इसके लिए सबसे प्रसिद्ध श्लोक है— 'आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।
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