कुक्कुटेश्वर शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजन विधि और ध्यान मंत्र क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद न्यास और 'ॐ ध्यायेन्नित्यं महेशं...' मंत्र से ध्यान किया जाता है। फिर पंचामृत और काले तिल मिश्रित जल से अभिषेक कर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और बिल्वपत्र अर्पण का विधान है।
कुक्कुटेश्वर लिंग की पूजा ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 3:30-4:00) में शय्या त्यागकर स्नान के बाद की जाती है।
न्यास: तांत्रिक सुरक्षा के लिए 'ॐ मम शिखायै वषट्', 'ॐ कवचाय हुम्', और 'ॐ अस्त्राय फट्' मंत्रों से न्यास किया जाता है।