कुंभिपाक में — ब्राह्मण-हत्यारे, हिंसा को जीवनशैली बनाने वाले, दूसरों की संपत्ति हड़पने वाले और निर्दोष जीवों की बड़े पैमाने पर हत्या करने वाले भेजे जाते हैं।
गरुड़ पुराण में कुंभीपाक नरक के पात्रों का स्पष्ट वर्णन है।
ब्राह्मण-हत्यारे — 'ब्राह्मण की हत्या करने पर आत्मा को कुम्भीपाक नरक में डाल दिया जाता है। ' ब्रह्महत्या सर्वोच्च पाप है।