विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में कुंभीपाक नरक के पात्रों का स्पष्ट वर्णन है।
ब्राह्मण-हत्यारे — 'ब्राह्मण की हत्या करने पर आत्मा को कुम्भीपाक नरक में डाल दिया जाता है।' ब्रह्महत्या सर्वोच्च पाप है।
हिंसक व्यक्ति — 'अपने स्वार्थ में जानवरों की हत्या करने और हिंसा को जीवन का हिस्सा बना लेने वालों की आत्मा को कुंभीपाक नरक में भेजा जाता है।'
संपत्ति हड़पने वाले — 'यह नरक उन लोगों के लिए है जिन्होंने किसी की संपत्ति हड़पी है या ब्राह्मण की हत्या की हो।'
निर्दोष जीवों की हत्या — 'गरुड़ पुराण में निर्दोष जीवों की हत्या करना बड़ा पाप माना गया है और इसके लिए कुंभीपाक जैसे नरक का विधान है।'
संक्षेप — ब्रह्महत्यारे, बड़े पैमाने पर हिंसक, शोषक और दूसरों की संपत्ति हड़पने वाले — ये कुंभीपाक नरक के प्रमुख पात्र हैं।





