कुंभ का आधार: समुद्र मंथन में अमृत कलश से 4 स्थानों पर बूँदें गिरीं — प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक। ज्योतिषीय आधार: सूर्य, चन्द्र, बृहस्पति की राशि स्थिति से समय-स्थान निर्धारित। 12 वर्ष में कुंभ,
कुंभ मेला और कुंभ स्नान का शास्त्रीय आधार पौराणिक कथा और ज्योतिषीय गणना दोनों पर आधारित है।
पौराणिक आधार — समुद्र मंथन: भागवत पुराण और विष्णु पुराण के अनुसार, देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया।