कुंडलिनी
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कुंडलिनी जागरण में शरीर गर्म क्यों हो जाता है?
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संक्षिप्त उत्तर
अग्नि सर्पिणी (मूलाधार=अग्नि), 'बिजली कौंधना' (अमर उजाला), नाड़ी friction (शुद्धि), मणिपुर=अग्नि चक्र, metabolism↑। सामान्य। शीतली प्राणायाम, चंदन, grounding।
कुंडलिनी → गर्मी — कारण: 1। अग्नि तत्व: कुंडलिनी = अग्नि सर्पिणी — मूलाधार = अग्नि। जागृत → अग्नि ↑ → शरीर गर्म।
ऊर्जा तीव्रता (अमर उजाला): 'बिजली कौंधने जैसी अनुभूति' — विद्युत = गर्मी।
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