विस्तृत उत्तर
कुंडलिनी → गर्मी — कारण:
- 1अग्नि तत्व: कुंडलिनी = अग्नि सर्पिणी — मूलाधार = अग्नि। जागृत → अग्नि ↑ → शरीर गर्म।
- 2ऊर्जा तीव्रता (अमर उजाला): 'बिजली कौंधने जैसी अनुभूति' — विद्युत = गर्मी।
- 3नाड़ी शुद्धि: ऊर्जा → अवरुद्ध नाड़ी = friction → गर्मी = शुद्धि प्रक्रिया।
- 4मणिपुर चक्र: अग्नि चक्र = कुंडलिनी गुजरते = अत्यधिक गर्मी।
- 5metabolism ↑: कुंडलिनी = शरीर metabolism बढ़ता → गर्मी।
सामान्य: हां — कुंडलिनी = गर्मी = सामान्य लक्षण।
उपाय: ठंडा जल (थोड़ा), शीतली प्राणायाम, चंदन, गुरु मार्गदर्शन। अत्यधिक = grounding (पैर भूमि)।





