विस्तृत उत्तर
अनाहत = चौथा चक्र — हृदय (DhyanSamadhi verified):
स्थान: हृदय। दल: 12। रंग: हरा/गुलाबी। तत्व: वायु। बीज: 'यं'।
प्रभाव (DhyanSamadhi verified)
- ▸'बहुत सारी सिद्धियां मिलती हैं।'
- ▸'ब्रह्मांडीय ऊर्जा से शक्ति प्राप्त।'
- ▸'सूक्ष्म रूप ले सकता है।'
- ▸'शरीर त्यागने की शक्ति।'
- ▸'आनंद, श्रद्धा, प्रेम जागृत।'
- ▸'वायु तत्व सिद्धियां।'
AWGP: 'अनाहत भेदन = वासनाओं (सूक्ष्म कामना) से मुक्त।'
Shikshanam: 'प्रेम और करुणा का केंद्र।'
साधना: 'ॐ यं अनाहत जाग्रय जाग्रय श्रीं ॐ फट' (HinduPad)। प्रेम/करुणा ध्यान। भक्ति संगीत।




