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कुंडलिनी📜 शोध: DhyanSamadhi, AWGP, Shikshanam, Patrika1 मिनट पठन

तंत्र में अनाहत चक्र की साधना का क्या प्रभाव होता है?

संक्षिप्त उत्तर

हृदय — 12 दल, हरा, वायु, बीज 'यं'। DhyanSamadhi: 'बहुत सिद्धियां, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, सूक्ष्म रूप, आनंद, प्रेम।' AWGP: 'वासना मुक्ति।' Shikshanam: 'प्रेम-करुणा केंद्र।'

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विस्तृत उत्तर

अनाहत = चौथा चक्र — हृदय (DhyanSamadhi verified):

स्थान: हृदय। दल: 12। रंग: हरा/गुलाबी। तत्व: वायु। बीज: 'यं'।

प्रभाव (DhyanSamadhi verified)

  • 'बहुत सारी सिद्धियां मिलती हैं।'
  • 'ब्रह्मांडीय ऊर्जा से शक्ति प्राप्त।'
  • 'सूक्ष्म रूप ले सकता है।'
  • 'शरीर त्यागने की शक्ति।'
  • 'आनंद, श्रद्धा, प्रेम जागृत।'
  • 'वायु तत्व सिद्धियां।'

AWGP: 'अनाहत भेदन = वासनाओं (सूक्ष्म कामना) से मुक्त।'

Shikshanam: 'प्रेम और करुणा का केंद्र।'

साधना: 'ॐ यं अनाहत जाग्रय जाग्रय श्रीं ॐ फट' (HinduPad)। प्रेम/करुणा ध्यान। भक्ति संगीत।

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शास्त्रीय स्रोत
शोध: DhyanSamadhi, AWGP, Shikshanam, Patrika
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