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विस्तृत उत्तर
विशुद्ध (कंठ चक्र) → वाणी परिवर्तन:
वाणी परिवर्तन
- 1सत्य: असत्य बोलना = असंभव हो जाता है। वाणी = स्वतः सत्य।
- 2मधुर: कठोर/अशिष्ट → मधुर। 'गले शुद्ध, वाणी मधुर।'
- 3प्रभावशाली: बोला = सत्य हो (वाक् सिद्धि)। 'जो बोलें = वो हो' = उन्नत।
- 4गायन: स्वर शुद्ध, गायन ↑ (सरस्वती = विशुद्ध)।
- 5मंत्र शक्ति ↑: मंत्र उच्चारण = शक्तिशाली।
- 6मौन: 'न बोलना' = भी शक्ति — अनावश्यक बोलना ↓।
बीज: 'हं' (पूर्व शोध ID 564)।
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