कुंडलिनी योगकुंडलिनी जागरण के बाद भावनात्मक उथल-पुथल क्यों होती है?
कारण: दबी भावनाएँ सतह पर, अनाहत शुद्धि, अहंकार विघटन, संवेदनशीलता↑, कर्म-दहन। उपाय: स्वीकार, रोना=शुद्धि, जर्नलिंग, प्रकृति, व्यायाम, धैर्य। अवसाद/आत्मघाती=तुरंत विशेषज्ञ।
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