विस्तृत उत्तर
ह्रीं (मायाबीज): यह आदिमाया, भुवनेश्वरी का बीज है। इसका विश्लेषण इस प्रकार है: 'ह' = शिव, 'र' = प्रकृति, 'ई' = महामाया, और 'बिंदु' = दुःखहर्ता। इसका सम्मिलित अर्थ है — 'शिव-युक्त प्रकृति-स्वरूपा महामाया मेरे दुःखों का हरण करें।' यह सृष्टि, पालन, सम्मोहन और कुंडलिनी जागरण की शक्ति का केंद्र है।





