विस्तृत उत्तर
कुंडलिनी बाद भावनात्मक उथल-पुथल = सामान्य+अपेक्षित।
कारण: (1) संचित दबी भावनाएँ (क्रोध/दुःख/भय) चक्रों में संग्रहित — शुद्धि पर सतह पर = अचानक रोना/क्रोध/दुःख (2) अनाहत (हृदय) शुद्धि = तीव्रतम — पुरानी पीड़ाएँ, बचपन आघात उभरना (3) अहंकार विघटन — पहचान हिलना = अस्थिरता (4) संवेदनशीलता↑ — दूसरों की भावनाएँ अपनी (5) कर्म-दहन — संचित कर्म जलना = भावनात्मक तूफान।
उपाय: (1) स्वीकार — दबाएँ नहीं (Suppress=बाद तीव्र) (2) रोना = Emotional Detox (3) जर्नलिंग (4) प्रकृति (5) शारीरिक गतिविधि — दौड़/तैरना/नृत्य (6) गुरु-सत्संग (7) धैर्य — अस्थायी।
सावधानी: लम्बे समय अवसाद, आत्मघाती विचार, वास्तविकता से कटाव = तुरंत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ।





