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कुंडलिनी योग📜 हठयोग प्रदीपिका, गोपी कृष्णा (Kundalini: The Evolutionary Energy in Man)1 मिनट पठन

कुंडलिनी जागरण के नकारात्मक प्रभाव कैसे संभालें?

संक्षिप्त उत्तर

संभालें: (1) गुरु (2) ग्राउंडिंग — नंगे पैर, भारी भोजन, श्रम, प्रकृति, ठंडा पानी (3) तीव्र साधना बंद (4) व्यायाम+आहार+नींद (5) भावना स्वीकार (6) लम्बा=विशेषज्ञ। बिना गुरु=तार बिना इन्सुलेशन।

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विस्तृत उत्तर

नकारात्मक प्रभाव ('कुंडलिनी सिंड्रोम') = बिना तैयारी/गुरु/बलपूर्वक जागरण।

प्रभाव: अनिद्रा, चिंता, भय, भावनात्मक अस्थिरता, शारीरिक दर्द/ऊष्मा, अनियंत्रित गतिविधि, मानसिक भ्रम, वास्तविकता कटाव।

संभालें: (1) गुरु सम्पर्क (सर्वप्रथम) (2) ग्राउंडिंग — नंगे पैर जमीन 30 मिनट, भारी भोजन (दाल/आलू/चावल/दूध), शारीरिक श्रम (बागवानी/सफाई), प्रकृति, ठंडा पानी स्नान/पैर (3) तीव्र साधना बंद/कम — केवल शांत ध्यान 5-10 मिनट, शवासन/योग निद्रा (4) नियमित व्यायाम+पौष्टिक आहार+7-8 घंटे नींद, चीनी/कैफीन/शराब बंद, अश्वगन्धा/ब्राह्मी (वैद्य) (5) भावनाएँ स्वीकार, जर्नलिंग, विश्वसनीय से बात (6) लम्बे समय अवसाद/चिंता = मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ।

मूल: कुंडलिनी बिना गुरु = विद्युत तार बिना इन्सुलेशन। गुरु = इन्सुलेशन + सर्किट ब्रेकर।

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शास्त्रीय स्रोत
हठयोग प्रदीपिका, गोपी कृष्णा (Kundalini: The Evolutionary Energy in Man)
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