सर्प सूक्तसर्प सूक्त का पाठ क्यों करना चाहिए?सर्प सूक्त का पाठ इसलिए करना चाहिए क्योंकि यह समस्त सर्प-शक्तियों को शांत करता है और राहु-केतु के लौकिक-अलौकिक दोनों प्रकार के नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है।#सर्प सूक्त पाठ#राहु केतु#नकारात्मक प्रभाव
योग के फलक्या कहल योग वाले व्यक्ति हठी (जिद्दी) या तानाशाह हो सकते हैं?हाँ, अगर कुंडली में लग्नेश कमजोर हो या पाप ग्रहों का साया हो, तो व्यक्ति बहुत जिद्दी, अड़ियल और 'तानाशाह' जैसा हो जाता है, जो किसी की सलाह नहीं मानता।#हठधर्मिता
कुंडलिनी योगकुंडलिनी जागरण के नकारात्मक प्रभाव कैसे संभालें?संभालें: (1) गुरु (2) ग्राउंडिंग — नंगे पैर, भारी भोजन, श्रम, प्रकृति, ठंडा पानी (3) तीव्र साधना बंद (4) व्यायाम+आहार+नींद (5) भावना स्वीकार (6) लम्बा=विशेषज्ञ। बिना गुरु=तार बिना इन्सुलेशन।#कुंडलिनी सिंड्रोम#नकारात्मक प्रभाव#ग्राउंडिंग