वर-वधू समान नाड़ी (आदि/मध्य/अंत्य) = नाड़ी दोष (0/8 — सर्वाधिक गंभीर)। संतान/स्वास्थ्य/कलह। अपवाद अनेक (भिन्न नक्षत्र/चरण)। उपाय: निवारण पूजा, महामृत्युंजय, गोदान। बहुत से सफल विवाह इसके बावजूद।
नाड़ी दोष = अष्टकूट में सबसे गंभीर दोष (8 अंक — सर्वाधिक)। क्या है: तीन नाड़ियां — आदि (वात), मध्य (पित्त), अंत्य (कफ)।
वर-वधू की नाड़ी समान = नाड़ी दोष (0/8 अंक)। प्रभाव (ज्योतिष): संतान कठिनाई, स्वास्थ्य समस्या, वैवाहिक कलह, तलाक (गंभीर)।