कुश आसन मंत्र-सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ है — यह पाप-नाशक घास है जिसमें त्रिमूर्ति का वास माना जाता है। यह विद्युत का कुचालक है इसलिए साधना की शक्ति भूमि में नहीं जाती। कुश पर बैठकर जप से अनंत गुना फल
कुश (Eragrostis cynosuroides — एक विशेष घास) का आसन सनातन धर्म के सभी धार्मिक अनुष्ठानों में सर्वाधिक पवित्र और मंत्र-सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
कुश का नाम और अर्थ: 'कु' शब्द समस्त पापों का वाचक है और 'श' शब्द सभी दोषों-पापों का नाशक है।