हाँ। गरुड़ पुराण में — गोदान से जन्मों के पाप, वृषोत्सर्ग से समस्त पाप, भूमिदान से महापाप, और अन्न-जलदान से भी पाप नष्ट होते हैं। दान सर्वोत्तम पाप-प्रक्षालन है।
गरुड़ पुराण में यह स्पष्ट और अनेकों बार दोहराया गया है कि दान से पाप नष्ट होते हैं।
गोदान से पाप-नाश — गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय में कहा गया है — 'गोचर्मप्रमाण भूमि विधानपूर्वक सत्पात्र को देता है, वह ब्रह्महत्या के पाप से मुक्त होकर पवित्र हो जाता है।