हाँ, गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद यममार्ग पर जीव को अपने पापकर्म याद आते हैं जिससे वह और अधिक पीड़ित होता है। पुण्यात्मा को सत्कर्मों की स्मृति शांति देती है। यमलोक में भी कर्मों का लेखा-जोखा ह
हाँ, गरुड़ पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि मृत्यु के बाद जीव को अपने कर्म स्पष्ट रूप से याद आते हैं।
यह स्मृति मृत्यु से पहले भी शुरू हो जाती है और मृत्यु के बाद भी बनी रहती है।