हाँ। महापापी को — साधारण पापी से कहीं अधिक कष्ट। भयंकर नरक (रौरव-महारौरव), वैतरणी में अकेले पार करने की पीड़ा, यमदूतों का अत्यंत कठोर व्यवहार और शाल्मली वृक्ष की अतिरिक्त यातना।
गरुड़ पुराण में यह सिद्धांत है कि पाप की तीव्रता के अनुसार दंड का स्तर निश्चित होता है।
साधारण पापी से अधिक — साधारण पापी को एक नरक मिल सकता है, परंतु महापापी के लिए रौरव, महारौरव, कुंभीपाक जैसे अत्यंत भीषण नरक हैं जहाँ यातना की तीव्रता असाधारण है।