नरक में जीव को सात्विक भोजन नहीं मिलता। भूख-प्यास की यातना होती है। रक्त-वमन पीने, मल खाने और जहर पीने पर विवश किया जाता है। जिसने जीवन में अन्नदान नहीं किया उसे यह कष्ट सर्वाधिक होता है।
गरुड़ पुराण में नरक में भोजन के विषय में जो वर्णन मिलता है वह अत्यंत दारुण है। पापी जीव को नरक में भोजन के स्थान पर यातना मिलती है।
गरुड़ पुराण में वर्णित है कि यममार्ग पर और नरक में जीव भूख-प्यास से अत्यंत व्याकुल रहता है।