लक्ष्मी मंत्र जप के लिए ब्रह्ममुहूर्त (4-6 बजे प्रातः) और प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) सर्वश्रेष्ठ हैं। शुक्रवार को जप का फल सात गुना अधिक है। शरद पूर्णिमा, दीपावली और अक्षय तृतीया वार्षिक विशेष समय
लक्ष्मी मंत्र जप के शुभ समय का वर्णन तंत्र शास्त्र और स्कंद पुराण में विस्तार से मिलता है: दैनिक श्रेष्ठ समय: 1।
ब्रह्ममुहूर्त (प्रातः 4-6 बजे): सर्वश्रेष्ठ — इस समय मन शांत और वातावरण सात्विक होता है। श्री सूक्त और लक्ष्मी मंत्र का पाठ अत्यंत फलदायी।