'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' लक्ष्मी का बीज मंत्र है। वे अष्टलक्ष्मी स्वरूपा हैं — धन, धान्य, विद्या, संतान, विजय सभी उनकी कृपा से मिलती है। नाम जप के साथ परिश्रम और सदाचार से लक्ष्मी की कृपा स्थायी होत
माँ लक्ष्मी धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी हैं। उनके नाम में 'लक्ष्म' — जो शुभ लक्षणों और सौभाग्य का बोध कराता है — निहित है।
लक्ष्मी नाम और श्री सूक्त — ऋग्वेद के श्री सूक्त में माँ लक्ष्मी की स्तुति है — 'तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्।