लिखित जप = मंत्र बार-बार लिखना। विशेष पुस्तिका, शुद्ध हाथ, लाल/काली स्याही, स्पष्ट अक्षर, मन में उच्चारण सहित। तीन इन्द्रियां सक्रिय (हाथ+आंख+मन) = अधिक एकाग्रता। राम नाम कोटि लिखित जप प्रसिद्ध। भरी प
लिखित जप (लिखित मंत्र साधना) = मंत्र/नाम को बार-बार लिखकर जप करना। यह वाचिक और मानसिक जप के समकक्ष एक शक्तिशाली साधना है।
एक विशेष पुस्तिका (नोटबुक) रखें — केवल लिखित जप के लिए। स्नान करके शुद्ध हाथों से लिखें।