पांड्य राजा की यज्ञ-पुत्री मीनाक्षी (देवी पार्वती का अवतार) ने देवों को पराजित करते हुए कैलाश में शिव को पहचाना और मदुरई में उनसे विवाह किया। इसी दिव्य विवाह के स्थान पर मीनाक्षी-सुंदरेश्वर मंदिर स्थि
तमिलनाडु के मदुरई में स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर 2,500 वर्षों से अधिक पुरानी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।
इस मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा अत्यंत रोचक है। पांड्य राजा मलयाध्वज पांड्या ने पुत्र-प्राप्ति की कामना से यज्ञ किया।