माघ स्नान: मत्स्यपुराण — माघ नित्य स्नान = सर्वतीर्थ + सर्वयज्ञ फल। कल्पवास: प्रयागराज में 1 मास, 3 बार स्नान। मकर संक्रान्ति, मौनी अमावस्या, माघ पूर्णिमा विशेष। ब्रह्म मुहूर्त में ठण्डे जल में = तप।
माघ मास (जनवरी-फरवरी) हिन्दू पंचांग में स्नान-दान के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
शास्त्रीय महत्व: - मत्स्यपुराण: 'माघे मासि सदा स्नानं कुर्याद्यः शुचिमानवः।