कर्ण से शिक्षाएँ: निःस्वार्थ दान सच्ची पहचान है; मित्रता और कर्तव्य में सच्चे रहें; विपरीत परिस्थितियों में भी आदर्श न छोड़ें; छल से प्राप्त विद्या संकट में काम नहीं आती। कर्म और चरित्र ही असली गरिमा
कर्ण महाभारत का सबसे जटिल और मार्मिक पात्र है।
सूर्यपुत्र होते हुए भी 'सूतपुत्र' के कलंक से जीवन भर जूझने वाला, अपार दानी किंतु विपत्तियों से कभी मुक्त न होने वाला कर्ण — उनका जीवन अनेक शिक्षाओं का भंडार है।