14वाँ दिन सबसे अधिक दिव्यास्त्रों वाला — पाशुपतास्त्र, नारायणास्त्र, वासवी शक्ति एक ही दिन चले। 17वाँ दिन कर्ण-अर्जुन का सबसे घातक द्वंद्व — अंजलिकास्त्र से कर्ण वध।
महाभारत में सबसे घातक अस्त्र मुख्यतः दो दिनों में चले — 14वाँ दिन और 17वाँ दिन।
14वाँ दिन (सर्वाधिक दिव्यास्त्र) — इस दिन रात्रि युद्ध भी हुआ था जो असाधारण था।