महाशिवरात्रि पर रात्रि जागरण शिव पूजा का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। शिव पुराण में चारों प्रहर जागरण का विधान है।
चार प्रहर का विधान: रात्रि को चार प्रहरों में विभाजित किया जाता है (प्रत्येक प्रहर लगभग 3 घण्टे): प्रथम प्रहर (संध्या ~ रात 9): शिवलिंग पर दूध से अभिषेक।