'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' अहंकार, मृत्यु भय और आंतरिक/बाहरी शत्रुओं का तत्काल नाश करने वाला उग्र तांत्रिक मंत्र है। इसका जप दक्षिण मुख होकर रुद्राक्ष की माला से किया जाता है।
माता महाकाली का यह मंत्र तंत्र शास्त्र का अत्यंत जाग्रत और उग्र मंत्र है। इसमें प्रयुक्त 'क्रीं' (Kreem) देवी का आदि बीज है।
'क' का अर्थ है महाकाली, 'र' का अर्थ है ब्रह्म, और 'ई' का अर्थ है महामाया।