महालया पक्ष में पितरों के लिए पिंडदान का क्या विशेष विधान है?
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संक्षिप्त उत्तर
महालया पिण्डदान: मृत्यु तिथि पर (अज्ञात=अमावस्या)। चावल+दूध+घी+गुड़+शहद+तिल। 12 पिण्ड। तर्पण: दक्षिण मुख, अपसव्य, तिल-जौ-कुश। पंचबलि। गया=पितृतीर्थ (108 कुल उद्धार)।
महालया पक्ष (भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या) में पिण्डदान का विशेष विधान: तिथि: जिस तिथि को पितर की मृत्यु हुई उसी तिथि पर श्राद्ध।