पितृ पक्ष: भाद्रपद पूर्णिमा से अमावस्या (16 दिन)। मृत्यु तिथि पर श्राद्ध (अज्ञात हो तो अमावस्या)। विधि: दक्षिण मुख → अपसव्य जनेऊ → तिल-जौ-कुश-जल तर्पण → पिण्डदान → ब्राह्मण भोज → कौवे को भोजन → दान। ग
महालया पक्ष (पितृ पक्ष) भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक का 16 दिन का काल है।
इसमें पितरों (पूर्वजों) का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। पितृ पक्ष पूजा विधि: 1।